Hiranyakashyap (Hindi) View 1
Books

Hiranyakashyap (Hindi)

349

ABOUT & SYNOPSIS

प्रतिशोध की आग में जल रहा हिरण्यकश्यप, इंद्र के साम्राज्य को तहस-नहस कर देना चाहता था। लेकिन वह अपने ही पुत्र द्वारा किए गए विरोध से बुरी तरह विचलित था। नरसिंह, प्रह्लाद की तलाश में निकलता है, लेकिन इस सफ़र में उसकी मुलाक़ात अपने एक पुराने मित्र से होती है और एक प्राचीन विष उसके मंसूबों के सामने दीवार बनकर खड़ा हो जाता है। क्रोध में अंधी होलिका अपने भतीजे को ढूंढ रही है, लेकिन तभी उसे प्रह्लाद के बचपन की उन दर्दनाक परिस्थितियों का पता चलता है, जो उसे अपने इरादों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर देती हैं।

क्या हिरण्यकश्यप इंद्र को पराजित कर पाएगा ? क्या होलिका अपने भतीजे के प्रति अपने क्रोध को भुला पाएगी ? क्या नरसिंह प्रह्लाद को ढूंढ पाएगा, और क्या उसके बारे में की गई भविष्यवाणी सच साबित होगी ? यह रोमांचक और अद्भुत यात्रा बेस्टसेलिंग लेखक केविन मिसाल की नरसिंह त्रयी की इस दूसरी किताब में भी जारी है।

BOOK DETAILS
FORMATPaperback
LANGUAGEHindi
PUBLISHERMyMirror Publishing House Pvt. Ltd.
PAGE COUNT240 pages
PUBLISHED DATE11 February 2026
WEIGHT300 g
DIMENSIONS21 x 14 x 2 cm
ISBN-13978-9349965751
TEMPORARILY OUT OF STOCK
FIND ON AMAZON
AVAILABILITYOUT OF STOCK
WEBSITE EXCLUSIVE GUARANTEE
SIGNED COPY
Custom hand-signed & dedicated by author Kevin Missal.
FREE SHIPPING
100% Free Shipping on all orders nationwide in India.
5-7 DAYS DELIVERY
Standard delivery timeframe across all major Indian cities.