
Hiranyakashyap (Hindi)
₹349
ABOUT & SYNOPSIS
प्रतिशोध की आग में जल रहा हिरण्यकश्यप, इंद्र के साम्राज्य को तहस-नहस कर देना चाहता था। लेकिन वह अपने ही पुत्र द्वारा किए गए विरोध से बुरी तरह विचलित था। नरसिंह, प्रह्लाद की तलाश में निकलता है, लेकिन इस सफ़र में उसकी मुलाक़ात अपने एक पुराने मित्र से होती है और एक प्राचीन विष उसके मंसूबों के सामने दीवार बनकर खड़ा हो जाता है। क्रोध में अंधी होलिका अपने भतीजे को ढूंढ रही है, लेकिन तभी उसे प्रह्लाद के बचपन की उन दर्दनाक परिस्थितियों का पता चलता है, जो उसे अपने इरादों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर देती हैं।
क्या हिरण्यकश्यप इंद्र को पराजित कर पाएगा ? क्या होलिका अपने भतीजे के प्रति अपने क्रोध को भुला पाएगी ? क्या नरसिंह प्रह्लाद को ढूंढ पाएगा, और क्या उसके बारे में की गई भविष्यवाणी सच साबित होगी ? यह रोमांचक और अद्भुत यात्रा बेस्टसेलिंग लेखक केविन मिसाल की नरसिंह त्रयी की इस दूसरी किताब में भी जारी है।